अध्यक्ष के बारे में
श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल के अध्यक्ष आदरणीय रावल साहब श्री किशन सिंह जी जसोल का जन्म दिसंबर 1950 में गुजरात के बनास कांठा जिले में वाव की पूर्व रियासत में हुआ था।
संस्थान अध्यक्ष
आदरणीय रावल साहब श्री किशन सिंह जी जसोल
संस्थान अध्यक्ष महोदय
अध्यक्ष महोदय की पृष्ठभूमि
मेयो कॉलेज, अजमेर में 1958 से 1968 तक स्कूल की शिक्षा प्राप्त कर 1968 में राजस्थान कॉलेज (राजस्थान विश्विद्यालय) में B.A. में एडमिशन लिया । 1971 में
(B.A.Hons) इतिहास में प्रथम डिविजन से उत्तीर्ण हुए। 1973 में M.A (History) में उसी विश्विद्यालय से प्रथम डिविजन से उतीर्ण हुए।
Bullet points :
- सन् 1973 से 1976 तक राजस्थान विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर (इतिहास) के पद पर कार्यरत रहे । इसी दर्मियान विश्विद्यालय के विवेकान्द छात्रावास के सहायक वार्डन के पद पर भी नियुक्त किए गए।
- सन् 1976 में UPSC द्वारा चयनित होने पर सीमा शुल्क विभाग व उत्पाद शुल्क विभाग (IRS) में भारत सरकार की सेवा में प्रवेश किया ।
- सन् 1976 से 1978 तक दो वर्ष के दौरान प्रारम्भिक प्रशिक्षण मसूरी, दिल्ली, चण्डीगढ़ व मद्रास (चेन्नई) में प्राप्त किया।
- सन् 1979 से 1982 तक जयपुर में सहायक कलेक्टर सीमा शुल्क के पद पर नियुक्त किए गए।
- सन् 1983 से 1985 तक वित्त मंत्रालय में अपर सचिव के पद पर नियुक्त किए गए।
- सन् 1986 से 1988 तक जयपुर में डिप्टी कमिश्नर सीमा शुल्क व उत्पाद शुल्क विभाग में सेवाएं दी।
- सन् 1989 से 1992 तक जोधपुर में अतिरिक्त कमिश्नर सीमा शुल्क पर नियुक्त कर, राजस्थान की भारत पाक सीमा पर सीमा शुल्क की चौकियाँ बनाने व तस्करी की रोकथाम के लिये, नियुक्त किए गए।
- सन् 1993 में भारतीय सीमा शुल्क में सराहनीय कार्य हेतु विश्व सीमा शुल्क संगठन द्वारा प्रस्तति पत्र के साथ सम्मानित किए गए।
- सन् 1994 में DRI में सराहनीय कार्य के लिये राष्ट्रपति द्वारा प्रस्तति पत्र (Presidential Award) के साथ सम्मानित किए गए।
- सन् 1993 से 1998 CIVIL Aviation मंत्रालय (विमान उड्डयन) में निदेशक (वित्त) के पद पर कार्य किया। इस दर्मियान इंडियन एयारलाईनज, एयर इंडिया, पवन हंस, एयरपोर्ट अथोरिटी व होटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के बोर्ड पर भी रहे।
- सन् 1999 से 2003 भारतीय दूतावास, ब्रसलज, बेल्जियम में सीमा शुल्क विभाग के प्रतिनिधि के रुप में कार्यरत रहे व विभिन्न यूरोपीयन देशो के कस्टम विभागों से समन्वय बनाया। तथा WCO (वर्ल्ड कस्टमज ऑर्गेनाईजेशन) ब्रंसल्ज बेल्जियम में भारत की ओर से प्रतिनिधित्व किया।
- सन् 2003 से 2005 में स्वदेश लौटने पर वित्त मंत्रालय में संयुक्त सचिव (कस्टमज) के पद पर कार्यरत रहे।
- सन् 2005 में WCO द्वारा चयन किये जाने पर भारत सरकार ने उन्हे पॉच वर्ष हेतु प्रतिनियुक्ति पर 2010 तक ब्रसल्ज बेल्जियम भेजे गएl
- सन् 2010 में भारत लौटने पर वडोदरा में चीफ कमीश्नर, उत्पाद शुल्क व कस्टमज पर नियुक्त किए गए।
34 वर्ष के कार्यकाल में भारत सरकार के विभिन्न विभागों मंत्रालयों में कार्य किया, जिसमें उत्पाद शुल्क व सीमा शुल्क विभाग, ‘नार्कोटिकस कन्ट्रोल ब्यूरो’ (NCB), ‘डायेरेकेटरेट ऑफ रेवेन्यू इम्टेबिजैस’ (DRI) केन्द्रीय बोर्ड ऑफ कस्टमज एण्ड सैट्रल एक्साईज शामिल है I
दिसम्बर 2010 में सेवानिवृत होने पर अपने पुश्तैनी गांव – जसोल (बालोतरा, राजस्थान) आकर सामाजिक, धार्मिक, धरोहर संरक्षण व पर्यावरण हेतु कार्य कर रहे है।
ओरण तथा गौचर के संरक्षण व संवर्धन हेतु भी कार्यरत हैं। तथा रावल श्री मल्लीनाथ जी के वर्तमान में 25 वें गादीपति है।
मेयो कॉलेज, अजमेर में 1958 से 1968 तक स्कूल की शिक्षा प्राप्त कर 1968 में राजस्थान कॉलेज (राजस्थान विश्विद्यालय) में B.A. में एडमिशन लिया । 1971 में
(B.A.Hons) इतिहास में प्रथम डिविजन से उत्तीर्ण हुए। 1973 में M.A (History) में उसी विश्विद्यालय से प्रथम डिविजन से उतीर्ण हुए।
Bullet points :
- सन् 1973 से 1976 तक राजस्थान विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर (इतिहास) के पद पर कार्यरत रहे । इसी दर्मियान विश्विद्यालय के विवेकान्द छात्रावास के सहायक वार्डन के पद पर भी नियुक्त किए गए।
- सन् 1976 में UPSC द्वारा चयनित होने पर सीमा शुल्क विभाग व उत्पाद शुल्क विभाग (IRS) में भारत सरकार की सेवा में प्रवेश किया ।
- सन् 1976 से 1978 तक दो वर्ष के दौरान प्रारम्भिक प्रशिक्षण मसूरी, दिल्ली, चण्डीगढ़ व मद्रास (चेन्नई) में प्राप्त किया।
- सन् 1979 से 1982 तक जयपुर में सहायक कलेक्टर सीमा शुल्क के पद पर नियुक्त किए गए।
- सन् 1983 से 1985 तक वित्त मंत्रालय में अपर सचिव के पद पर नियुक्त किए गए।
- सन् 1986 से 1988 तक जयपुर में डिप्टी कमिश्नर सीमा शुल्क व उत्पाद शुल्क विभाग में सेवाएं दी।
- सन् 1989 से 1992 तक जोधपुर में अतिरिक्त कमिश्नर सीमा शुल्क पर नियुक्त कर, राजस्थान की भारत पाक सीमा पर सीमा शुल्क की चौकियाँ बनाने व तस्करी की रोकथाम के लिये, नियुक्त किए गए।
- सन् 1993 में भारतीय सीमा शुल्क में सराहनीय कार्य हेतु विश्व सीमा शुल्क संगठन द्वारा प्रस्तति पत्र के साथ सम्मानित किए गए।
- सन् 1994 में DRI में सराहनीय कार्य के लिये राष्ट्रपति द्वारा प्रस्तति पत्र (Presidential Award) के साथ सम्मानित किए गए।
- सन् 1993 से 1998 CIVIL Aviation मंत्रालय (विमान उड्डयन) में निदेशक (वित्त) के पद पर कार्य किया। इस दर्मियान इंडियन एयारलाईनज, एयर इंडिया, पवन हंस, एयरपोर्ट अथोरिटी व होटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के बोर्ड पर भी रहे।
- सन् 1999 से 2003 भारतीय दूतावास, ब्रसलज, बेल्जियम में सीमा शुल्क विभाग के प्रतिनिधि के रुप में कार्यरत रहे व विभिन्न यूरोपीयन देशो के कस्टम विभागों से समन्वय बनाया। तथा WCO (वर्ल्ड कस्टमज ऑर्गेनाईजेशन) ब्रंसल्ज बेल्जियम में भारत की ओर से प्रतिनिधित्व किया।
- सन् 2003 से 2005 में स्वदेश लौटने पर वित्त मंत्रालय में संयुक्त सचिव (कस्टमज) के पद पर कार्यरत रहे।
- सन् 2005 में WCO द्वारा चयन किये जाने पर भारत सरकार ने उन्हे पॉच वर्ष हेतु प्रतिनियुक्ति पर 2010 तक ब्रसल्ज बेल्जियम भेजे गएl
- सन् 2010 में भारत लौटने पर वडोदरा में चीफ कमीश्नर, उत्पाद शुल्क व कस्टमज पर नियुक्त किए गए।
34 वर्ष के कार्यकाल में भारत सरकार के विभिन्न विभागों मंत्रालयों में कार्य किया, जिसमें उत्पाद शुल्क व सीमा शुल्क विभाग, ‘नार्कोटिकस कन्ट्रोल ब्यूरो’ (NCB), ‘डायेरेकेटरेट ऑफ रेवेन्यू इम्टेबिजैस’ (DRI) केन्द्रीय बोर्ड ऑफ कस्टमज एण्ड सैट्रल एक्साईज शामिल है I
दिसम्बर 2010 में सेवानिवृत होने पर अपने पुश्तैनी गांव – जसोल (बालोतरा, राजस्थान) आकर सामाजिक, धार्मिक, धरोहर संरक्षण व पर्यावरण हेतु कार्य कर रहे है।
ओरण तथा गौचर के संरक्षण व संवर्धन हेतु भी कार्यरत हैं। तथा रावल श्री मल्लीनाथ जी के वर्तमान में 25 वें गादीपति है।
मेयो कॉलेज, अजमेर में 1958 से 1968 तक स्कूल की शिक्षा प्राप्त कर 1968 में राजस्थान कॉलेज (राजस्थान विश्विद्यालय) में B.A. में एडमिशन लिया । 1971 में
(B.A.Hons) इतिहास में प्रथम डिविजन से उत्तीर्ण हुए। 1973 में M.A (History) में उसी विश्विद्यालय से प्रथम डिविजन से उतीर्ण हुए।
Bullet points :
- सन् 1973 से 1976 तक राजस्थान विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर (इतिहास) के पद पर कार्यरत रहे । इसी दर्मियान विश्विद्यालय के विवेकान्द छात्रावास के सहायक वार्डन के पद पर भी नियुक्त किए गए।
- सन् 1976 में UPSC द्वारा चयनित होने पर सीमा शुल्क विभाग व उत्पाद शुल्क विभाग (IRS) में भारत सरकार की सेवा में प्रवेश किया ।
- सन् 1976 से 1978 तक दो वर्ष के दौरान प्रारम्भिक प्रशिक्षण मसूरी, दिल्ली, चण्डीगढ़ व मद्रास (चेन्नई) में प्राप्त किया।
- सन् 1979 से 1982 तक जयपुर में सहायक कलेक्टर सीमा शुल्क के पद पर नियुक्त किए गए।
- सन् 1983 से 1985 तक वित्त मंत्रालय में अपर सचिव के पद पर नियुक्त किए गए।
- सन् 1986 से 1988 तक जयपुर में डिप्टी कमिश्नर सीमा शुल्क व उत्पाद शुल्क विभाग में सेवाएं दी।
- सन् 1989 से 1992 तक जोधपुर में अतिरिक्त कमिश्नर सीमा शुल्क पर नियुक्त कर, राजस्थान की भारत पाक सीमा पर सीमा शुल्क की चौकियाँ बनाने व तस्करी की रोकथाम के लिये, नियुक्त किए गए।
- सन् 1993 में भारतीय सीमा शुल्क में सराहनीय कार्य हेतु विश्व सीमा शुल्क संगठन द्वारा प्रस्तति पत्र के साथ सम्मानित किए गए।
- सन् 1994 में DRI में सराहनीय कार्य के लिये राष्ट्रपति द्वारा प्रस्तति पत्र (Presidential Award) के साथ सम्मानित किए गए।
- सन् 1993 से 1998 CIVIL Aviation मंत्रालय (विमान उड्डयन) में निदेशक (वित्त) के पद पर कार्य किया। इस दर्मियान इंडियन एयारलाईनज, एयर इंडिया, पवन हंस, एयरपोर्ट अथोरिटी व होटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के बोर्ड पर भी रहे।
- सन् 1999 से 2003 भारतीय दूतावास, ब्रसलज, बेल्जियम में सीमा शुल्क विभाग के प्रतिनिधि के रुप में कार्यरत रहे व विभिन्न यूरोपीयन देशो के कस्टम विभागों से समन्वय बनाया। तथा WCO (वर्ल्ड कस्टमज ऑर्गेनाईजेशन) ब्रंसल्ज बेल्जियम में भारत की ओर से प्रतिनिधित्व किया।
- सन् 2003 से 2005 में स्वदेश लौटने पर वित्त मंत्रालय में संयुक्त सचिव (कस्टमज) के पद पर कार्यरत रहे।
- सन् 2005 में WCO द्वारा चयन किये जाने पर भारत सरकार ने उन्हे पॉच वर्ष हेतु प्रतिनियुक्ति पर 2010 तक ब्रसल्ज बेल्जियम भेजे गएl
- सन् 2010 में भारत लौटने पर वडोदरा में चीफ कमीश्नर, उत्पाद शुल्क व कस्टमज पर नियुक्त किए गए।
34 वर्ष के कार्यकाल में भारत सरकार के विभिन्न विभागों मंत्रालयों में कार्य किया, जिसमें उत्पाद शुल्क व सीमा शुल्क विभाग, ‘नार्कोटिकस कन्ट्रोल ब्यूरो’ (NCB), ‘डायेरेकेटरेट ऑफ रेवेन्यू इम्टेबिजैस’ (DRI) केन्द्रीय बोर्ड ऑफ कस्टमज एण्ड सैट्रल एक्साईज शामिल है I
दिसम्बर 2010 में सेवानिवृत होने पर अपने पुश्तैनी गांव – जसोल (बालोतरा, राजस्थान) आकर सामाजिक, धार्मिक, धरोहर संरक्षण व पर्यावरण हेतु कार्य कर रहे है।
ओरण तथा गौचर के संरक्षण व संवर्धन हेतु भी कार्यरत हैं। तथा रावल श्री मल्लीनाथ जी के वर्तमान में 25 वें गादीपति है।
आदरणीय रावल साहब श्री किशन सिंह जी जसोल अपनी 34 वर्षीय सरकारी सेवाओं के पश्चात् अपने पैतृक गाँव जसोल में बस गए और शिक्षा, पर्यावरण, विरासत, प्रकृति, वन्य जीवन, धर्म और सामाजिक व शैक्षणिक मुद्दों से संबंधित विभिन्न संगठनों के साथ सक्रिय रूप से जुड़े, जिसमें से कुछ नीचे दिए गए हैं :-
अन्य ट्रस्टों से जुड़ाव
• श्री मल्लीनाथ गौशाला समिति मालाजाल, तिलवाड़ा – अध्यक्ष
• श्री रावल मल्लीनाथ श्री राणी रूपादे संस्थान, तिलवाड़ा – अध्यक्ष
• श्री नागणेच्या माता ट्रस्ट, नागाणा (बालोतरा) – उपाध्यक्ष
• राजपूत एजुकेशन ट्रस्ट, जोधपुर – अध्यक्ष
• चोपासनी शिक्षा समिति, जोधपुर – अध्यक्ष
• श्री अरबिंदो स्कूल, जोधपुर – बोर्ड सदस्य
